शताब्दी जन्मदिन समारोह
हम सबों के प्यारे बाबा का जन्मदिन समारोह
हमारे परिवार के लिये खुशियों भरा दिन ,हमारे पूजनीय बाबा के 100 वं जन्मदिन मनाने का अवसर। 14 सितम्बर 1926 को बाबा पुरे 100 साल के हो गए। सुबह हमारा पूरा परिवार उनको मंदिर ले गये वहाँ उनसे पूजा ,अर्चना ,दान वगैरा करवाए। फिर घर आकर हलवा पूरी का भोग लगा कर सबोने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को बाबा को रेस्टुरेंट लेकर गए उनका फेवरेट डोसा पार्टी हुआ। हमारा सेलिब्रेशन यहीं नहीं रुका। इतना खुशी का अवसर था। बाबा के सारे हितचिंतक, हितैसी ,नीयर ,डीयर लोगो के साथ भी जशन मनाना था।5 -6 दिन बाद एक रविवार को ग्रैंड पार्टी का दिन तय हुआ। रविवार होने के कारन सभी लोग आ सकते थे।
रविवार को तय समय में सब लोग होटल पहुंचे। वहां सबोने आरती किया। केक कटा। फिर बाबा के लाडला पड़ पोता ने उनको सोने की सीढ़ी में चढ़ाया। ये भी एक रस्म होता है। सबो ने खाया पिया गाया बजाया पूरा दिन खूब एंजयो किया। अभी गौदान का रस्म रह गया उसे भी इस सप्ताह में करना बाकी है।
पूरा कार्यकम बहुत अच्छे से हुआ ,परन्तु माँ और दोनों भाई की कमी बहुत ही खली। माँ का अचानक जानेसे उनके लिये कुछ भी जश्न नहीं मनाये। दोनों भाई आज होते और ये फंक्शन करते तो कितना खुशी होता। चलो कोइ बात नहीं ,सबको सब कुछ नहीं मिलता ,जो और जीतना मिले उसी में खुश होना ही चाहिए। हमलोग खुश नसीब है की इतनी अच्छी भाभी ,भतीजा ,बाबा का पड़पोता के कारन ये समारोह सफल हो पाया।कोई भी दीर्घाऊ तो होता नहीं है ,बस भगवान से यही प्रार्थना हे की जब तक बाबा इस दुनिया में रहे ऐसे ही स्वास्थ रहे,मस्त रहे। । उनका आशीर्वाद हम सभी पर बनी रहे।












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