ज़दार क्रोएशिया
हमारा जहाज क्रोएशिया के जादार शहर में आकर रुका। यहाँ पोर्ट से सिटी काफी दूर है। इसलिए पोर्ट से शटल बस सिटी अप डाउन करती है। जिससे क्रुज से उतर कर सिटी घूमने जाने पर परेशानी नहीं हो। सिटी समुन्द्र किनारे ही बसा है। वहाँ से टूरिस्ट बस लेकर घूमना हो घूमो ,बीच में तैरना हो तो तैर कर दोपहर तक वापस आना होता है। हमने यहाँ पर टूक टूक की सवारी की इसमें 4 लोगों को बैठा कर शहर घुमा कर इसी स्थान में लाता है फिर यहाँ से शटल बस से क्रूज तक वापस लौटना होता है।यहाँ इसी किनारे सोलर का फ्लोर था जैसे डीजे के लिये होता है।
जदार क्रोएशिया का सबसे पुराना ऐतिहासीक बसा हुआ शहर है। इस सिटी में अंगूर का बेल चारो ओर देखने मिला। म्युसियम ,चर्च वगैरा तो घूमे देखे जैसा की हर पुराने शहर में होता है। पर दो इंटरेस्टिंग चीज देखने मिला। एक तो छोटा चप्पू वाला नौका जो 4-6 जन को इस पर उस पर कर रहा था। जब की एक से एक स्पीड बोट बड़ा छोटा घाट में था। पर इंटरस्टींग ये था की 100 साल से एक ही परिवार के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी नौका खेते आरहे है। ज़दार का इकलौता चप्पू वाला नौका था।
दूसरा नया चीज पता चला और देखने मिला ,यहाँ का सिंह द्वार। बचपन सुने और पढ़े है सिह द्वार होता है। प्राचीन नगर में अंदर आने के लिये जो बड़ा सा गेट होता है उसको बोलते होंगे। पर हमारा गाईड बताया सिह तो जंगल में होता है यहाँ देखो बड़ा सा गेट में बैठा है और एक हाथ में खुला पुस्तक है जिसे पढ़ रहा है। देख कर बड़ा अचंभा भी लगा की शेर भी कहीं किताब पढ़ता है। तब गाईड बताया खुला किताब माने देश में सुख शांति जैसे हमारे देश में है। किताब बंद तो आफत और अशांति होगा।ये सब देख कर मजा आया। हमलोग भी घूम फिर कर अपने क्रूज में वापस आगये।






कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें