शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

#ROMA#VATICAN#CITY#ITALY

                             रोम    वैटिकन   सिटी    इटली 

             हमलोग का क्रूज का टूर रोम आकर समाप्त हुआ। 15 दिन अलग अलग देश शहर घूमते हुआ  आखिर वापसी का दिन आ ही गया। पोर्ट से मेन सिटी काफी दूर था। रोम में हमलोग दो दिन रुक कर अच्छे से सिटी टूर करे। यहाँ का सभी मोनोमेंट्स, चर्च, कैथेड्रल वगैरा घूमने में एक दिन लग गया। दूसरे दिन रोम में वैटिकन सिटी घूमने में  लगा।
        वैटिकन सिटी इटली के रोम में सबसे छोटा स्वतंत्र देश है। यहाँ की जनसंख्या 1000 से भी कम है। जिसमे भी ज्यादातर पादरी ,नन ,और चर्च के कर्मचारी और दुकानदार वगैरा लोग ही है। यहाँ पोप का ही शासन चलता है। यहाँ का सर्वोच्य धर्म गुरु पोप ही होता है। यहाँ का चर्च देखने लायक है। बहुत ही भव्य बड़ा। पूरा कैम्पस घूमने में दिन निकल जायेगा। 

 





 


गुरुवार, 10 सितंबर 2026

#NAPLES#ITALY

                                            नैप्लस   इटली 

                                          स्ट्रेट ऑफ़ मेसिना 

          माल्टा से 7 को चल कर हम 8 को पूरा समय स्ट्रेट ऑफ़ मेसीना क्रॉस करते हुए इटली की और बढ़ गए। जैसे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज जंग के कारन सुनने मिल रहा है जहाँ व्यापारी जहाज के लिये इतना काट मार चल रहा है। पर इटली के रास्ते स्ट्रेट ऑफ़ मेसीना का वातावरण एकदम शांत सीन सीनरी देखते हुए बढ़ते चलो एकदम टूरिस्ट माहौल।हर मोड़ में लगता था अब बस होगा तब तक फिर मोड़ आ जाता था।  समुन्द्र के किनारे पहाड़ में  बस्ती भी था। जहाज आ रहा है जा रहा है मजा लो और कुछ नहीं। स्ट्रेटसे  गुजरना भी इंट्रेस्टींग था। 
                      9 को हमारा जहाज इटली के नैप्लस सिटी पहुंचा।यहाँ शाहीमहल ,किला ,चर्च आदि देखने मिला। पिज्जा इटली की देन है पर पिज्जा का जन्म स्थान नैप्लस ही है। ये भी काफी पुराना और बड़ा शहर है। यहाँ पोर्ट एकदम सिटी के सेंटर में था। वॉक करते पोर्ट के बहार जा सकते है। पोर्ट के बाहर से ही टूरिस्ट बस चलती है। आराम से 2-3 घंटा घूम कर हमलोग वापस अपने अंतिम मंजिल के लिये चल पड़े। 

 





 



#MALTA#VALLETTA

                               वेलेटा     माल्टा 

             5 अगस्त को अपना जन्म दिन मनाते हुए आगे की मंजिल के लिये चल पड़े। 5 और 6 को पानी में ही निकल गया फिर 7 को जाकर माल्टा के वेलेटा में पहुंचे।   वेलेटा माल्टा की राजधानी शहर है। ये भी ऐतिहासीक शहर है। यहाँ भी 16 वीं सदी के चर्च ,कैथेड्रल ,फोर्ट ,मोनुमेंट वगैरा देखने मिला। पोर्ट एकदम शहर से लगा हुआ था। पर क्रूज से उतर कर यहाँ शटल बोट से उसपार जाना होता है। फिर रोड क्रॉस कर बस से सिटी टूर करके वापस फिर शटल बोट से पार करके क्रूज में आते है। यहाँ 3 -4 क्रूज लगा हुआ था ,अलग अलग रूट से आया हुआ था। माल्टा फल तो बहुत खाये है संतरा जैसा ही होता है पर कभी सोचे नहीं थे की माल्टा देश भी कभी घूमने जाना होगा।

 





मंगलवार, 8 सितंबर 2026

#DIAMOND#JUBILEE

                                                         75TH  BIRTHDAY


                                                        ITS  MY BIRTHDAY

             दो दिन क्रोएशिया के अलग अलग सिटी में घूम कर हमारा क्रूज एड्रिएटिक सागर में अगला पड़ाव माल्टा की ओर बढ़ गया। 5 तारीख हमारा 75 वां जन्म दिन था। वैसे तो हर साल जन्म दिन आता है जाता है। परिवार ,रिश्तेदार ,मित्र आदि लोगों के साथ अलग अलग जगह में मना ही लेता है। एक  बार आकाश में हवाई जहाज में पोता के कारन मनाये ,हर बार धरती में ,पर इस बार नीला विशाल सागर में नए मित्रो के साथ अपना 75 डाइमंड जुबली जन्म दिन का जशन मनना हुआ ,वो भी इनके कारन ,यादगार जन्म दिन।जब केक काटे तो पुरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट की आवाज गूंज ने लगी



 






















रविवार, 6 सितंबर 2026

#DUBROVNIK#CROATIA

                   डुब्रोवनिक      क्रोएशिया  

            क्रोएशिया के साउथ में एड्रिएटिक सागर तट में बसा डुब्रोवनिक एक ऐतिहासीक शहर है। ये भी पोर्ट से काफी दूर होने के कारन पोर्ट से शटल बस से ओल्ड सिटी आना पड़ता है। यहीं से टूरिस्ट बस में घूम सकते है। फिर यहाँ आकर फोर्ट के अंदर बसा शहर पैदल  घुमा जाता है।पूरा देश ही किला के अंदर था। लाल छत सागर तट किला का दीवार से घिरा हुआ।वहीं बाजार ,हाट ,दुकान ,कैफे ,रेस्टुरेंट सब कुछ था। अंदर चर्च और एक घंटे वाला मीनार ,12 बजते घंटा बजना शुरू हो जाता है। किला के बहार भी बस 3 -4 घंटा घूम कर चर्च ,मोनोमेंट आदि घूम कर वापस चौक आकर शटल बस से पोर्ट क्रूज पकड़ने निकल पड़े। यहाँ पता चला आज 5 अगस्त है ,आज के दिन ही देश आजाद हुआ था।







   



 












शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

#ZADAR#CROATIA

                             ज़दार     क्रोएशिया 

                 हमारा जहाज क्रोएशिया के जादार शहर में आकर रुका। यहाँ पोर्ट से सिटी काफी दूर है। इसलिए पोर्ट से शटल बस सिटी अप डाउन करती है। जिससे क्रुज से उतर कर सिटी घूमने जाने पर परेशानी नहीं हो। सिटी समुन्द्र किनारे ही बसा है। वहाँ से टूरिस्ट बस लेकर घूमना हो घूमो ,बीच में तैरना हो तो तैर कर दोपहर तक वापस आना होता है। हमने यहाँ पर टूक टूक की सवारी की इसमें 4 लोगों को बैठा कर शहर घुमा कर इसी स्थान में लाता है फिर यहाँ से शटल बस से क्रूज तक वापस लौटना होता है।यहाँ इसी किनारे सोलर का फ्लोर था जैसे डीजे के लिये होता है।  

       जदार क्रोएशिया का सबसे पुराना ऐतिहासीक बसा हुआ शहर है। इस सिटी में अंगूर का बेल चारो ओर देखने मिला। म्युसियम ,चर्च वगैरा तो घूमे देखे जैसा की हर पुराने शहर में होता है। पर दो इंटरेस्टिंग चीज देखने मिला। एक तो छोटा चप्पू वाला नौका जो 4-6 जन को इस पर उस पर कर रहा था। जब की एक से एक स्पीड बोट बड़ा छोटा घाट में था। पर इंटरस्टींग ये था की 100 साल से एक ही परिवार के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी नौका खेते आरहे है। ज़दार का इकलौता चप्पू वाला नौका था। 

दूसरा नया चीज पता चला और देखने मिला ,यहाँ का सिंह द्वार। बचपन सुने और पढ़े  है सिह द्वार होता है। प्राचीन नगर में अंदर आने के लिये जो बड़ा सा गेट होता है उसको बोलते होंगे। पर हमारा गाईड बताया सिह तो जंगल में होता है यहाँ देखो बड़ा सा गेट में बैठा है और एक हाथ में खुला पुस्तक है  जिसे पढ़  रहा है। देख कर बड़ा अचंभा भी लगा की शेर भी कहीं किताब पढ़ता है। तब गाईड बताया खुला किताब माने देश में सुख शांति जैसे हमारे देश में है। किताब बंद तो आफत और अशांति होगा।ये सब देख कर मजा आया। हमलोग भी घूम फिर कर अपने क्रूज में वापस आगये।