नैप्लस इटली
स्ट्रेट ऑफ़ मेसिना
नैप्लस इटली
स्ट्रेट ऑफ़ मेसिना
वेलेटा माल्टा
5 अगस्त को अपना जन्म दिन मनाते हुए आगे की मंजिल के लिये चल पड़े। 5 और 6 को पानी में ही निकल गया फिर 7 को जाकर माल्टा के वेलेटा में पहुंचे। वेलेटा माल्टा की राजधानी शहर है। ये भी ऐतिहासीक शहर है। यहाँ भी 16 वीं सदी के चर्च ,कैथेड्रल ,फोर्ट ,मोनुमेंट वगैरा देखने मिला। पोर्ट एकदम शहर से लगा हुआ था। पर क्रूज से उतर कर यहाँ शटल बोट से उसपार जाना होता है। फिर रोड क्रॉस कर बस से सिटी टूर करके वापस फिर शटल बोट से पार करके क्रूज में आते है। यहाँ 3 -4 क्रूज लगा हुआ था ,अलग अलग रूट से आया हुआ था। माल्टा फल तो बहुत खाये है संतरा जैसा ही होता है पर कभी सोचे नहीं थे की माल्टा देश भी कभी घूमने जाना होगा।
75TH BIRTHDAY
ITS MY BIRTHDAY
दो दिन क्रोएशिया के अलग अलग सिटी में घूम कर हमारा क्रूज एड्रिएटिक सागर में अगला पड़ाव माल्टा की ओर बढ़ गया। 5 तारीख हमारा 75 वां जन्म दिन था। वैसे तो हर साल जन्म दिन आता है जाता है। परिवार ,रिश्तेदार ,मित्र आदि लोगों के साथ अलग अलग जगह में मना ही लेता है। एक बार आकाश में हवाई जहाज में पोता के कारन मनाये ,हर बार धरती में ,पर इस बार नीला विशाल सागर में नए मित्रो के साथ अपना 75 डाइमंड जुबली जन्म दिन का जशन मनना हुआ ,वो भी इनके कारन ,यादगार जन्म दिन।जब केक काटे तो पुरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट की आवाज गूंज ने लगी
डुब्रोवनिक क्रोएशिया
क्रोएशिया के साउथ में एड्रिएटिक सागर तट में बसा डुब्रोवनिक एक ऐतिहासीक शहर है। ये भी पोर्ट से काफी दूर होने के कारन पोर्ट से शटल बस से ओल्ड सिटी आना पड़ता है। यहीं से टूरिस्ट बस में घूम सकते है। फिर यहाँ आकर फोर्ट के अंदर बसा शहर पैदल घुमा जाता है।पूरा देश ही किला के अंदर था। लाल छत सागर तट किला का दीवार से घिरा हुआ।वहीं बाजार ,हाट ,दुकान ,कैफे ,रेस्टुरेंट सब कुछ था। अंदर चर्च और एक घंटे वाला मीनार ,12 बजते घंटा बजना शुरू हो जाता है। किला के बहार भी बस 3 -4 घंटा घूम कर चर्च ,मोनोमेंट आदि घूम कर वापस चौक आकर शटल बस से पोर्ट क्रूज पकड़ने निकल पड़े। यहाँ पता चला आज 5 अगस्त है ,आज के दिन ही देश आजाद हुआ था।
ज़दार क्रोएशिया
हमारा जहाज क्रोएशिया के जादार शहर में आकर रुका। यहाँ पोर्ट से सिटी काफी दूर है। इसलिए पोर्ट से शटल बस सिटी अप डाउन करती है। जिससे क्रुज से उतर कर सिटी घूमने जाने पर परेशानी नहीं हो। सिटी समुन्द्र किनारे ही बसा है। वहाँ से टूरिस्ट बस लेकर घूमना हो घूमो ,बीच में तैरना हो तो तैर कर दोपहर तक वापस आना होता है। हमने यहाँ पर टूक टूक की सवारी की इसमें 4 लोगों को बैठा कर शहर घुमा कर इसी स्थान में लाता है फिर यहाँ से शटल बस से क्रूज तक वापस लौटना होता है।यहाँ इसी किनारे सोलर का फ्लोर था जैसे डीजे के लिये होता है।
जदार क्रोएशिया का सबसे पुराना ऐतिहासीक बसा हुआ शहर है। इस सिटी में अंगूर का बेल चारो ओर देखने मिला। म्युसियम ,चर्च वगैरा तो घूमे देखे जैसा की हर पुराने शहर में होता है। पर दो इंटरेस्टिंग चीज देखने मिला। एक तो छोटा चप्पू वाला नौका जो 4-6 जन को इस पर उस पर कर रहा था। जब की एक से एक स्पीड बोट बड़ा छोटा घाट में था। पर इंटरस्टींग ये था की 100 साल से एक ही परिवार के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी नौका खेते आरहे है। ज़दार का इकलौता चप्पू वाला नौका था।
दूसरा नया चीज पता चला और देखने मिला ,यहाँ का सिंह द्वार। बचपन सुने और पढ़े है सिह द्वार होता है। प्राचीन नगर में अंदर आने के लिये जो बड़ा सा गेट होता है उसको बोलते होंगे। पर हमारा गाईड बताया सिह तो जंगल में होता है यहाँ देखो बड़ा सा गेट में बैठा है और एक हाथ में खुला पुस्तक है जिसे पढ़ रहा है। देख कर बड़ा अचंभा भी लगा की शेर भी कहीं किताब पढ़ता है। तब गाईड बताया खुला किताब माने देश में सुख शांति जैसे हमारे देश में है। किताब बंद तो आफत और अशांति होगा।ये सब देख कर मजा आया। हमलोग भी घूम फिर कर अपने क्रूज में वापस आगये।
ट्रिएस्टे इटली
कोटोर से डेढ़ दिन पानी में आगे चलते गए बढ़ते गए तब जा कर इटली का नया शहर ट्रिएस्टे पहुंचे। उत्तर पूर्वी इटली का एक खूबसूरत बंदरगाह शहर ट्रिएस्टे है। भव्य ऐतिहासीक इमारतों से घिरा है। कैनाल ग्रांडे 18 वीं सदी की नहर है जो समुंद्र से शहर के सेंटर तक जाती है। व्यापारियों के जहाज को शहर आने जाने के काम आता था। मोलो समुद्र में फैला हुआ 300 मीटर लम्बा पत्थर का घाट शहर के मनोरम दृस्य देखने ,टहलने आदि काम में आता है।हमारा क्रूज ठीक शहर के बीचो बीच रुका था रोड पार करो घूमो। जैसे बस स्टैंड रोड के किनारे होता है ,वैसे पोर्ट एकदम रोड में था। जहाज से भी शहर का नजारा देख सकते थे। सिटी घूम घाम कर आगे के सफर के लिये चल पड़े