गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

#GODAN KA #MAHATVA

                             गौ दान का महत्त्व 

                    सभी दानों में महादान गौ दान को माना जाता है। माना जाता है की गौ में 33 करोड़ देवी देवता का वास है। ब्रह्मा ,विष्णु ,महेश ,गौरी से लेकर सारे देवी देवता गाय के अलग अलग अंग में रहते है इसलिए गौ दान का इतना महत्त्व है। मरने के बाद मोक्छ की प्राप्ति होती है। मरने के बाद आत्मा को देवी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। पुण्य और पाप से मुक्ति मिलता है। सुख शांति मिलता है। इसलिए हमारे हिन्दुओं में गौदान का प्रचलन है।
                 गौदान भी बहुत तरह से करने की छूट है। शहरो में गाय पालन गोशाला में होता है अब ज्यादा घरो में पालते नहीं है पंडित जी को भी पालना भारी पड़ने लगा है ,इसलिए चाँदी की छोटी छोटी गाय ,सींग ,खुर सोनार के पास आसानी से मील जाता है. अपने सामर्थ अनुसार पंडित से संकल्प करवा कर फूल ,फल ,अनाज ,वस्त्र सारा सामान दान कर सकते है। गोशाला में सेवा कर के दान कर सकते है। कोई बंधन नहीं है। जिसकी जैसी परिस्थीती है ,जिसे जिसमे श्रद्धा हो वो वैसे गोदान करता है।माना जाता है की मरने के बाद गाय की पूछ पकड़ कर वैतरणी नदी पार करना होता है। इसलिए गौदान का इतना महत्त्व है।  
            हमलोग के मन में भी आया बाबा अब 100 साल के हो गए है बाबा के हाथ से भी गौदान करवा दिया जाय। बोलते है पितृ पक्छ में गौदान करना अति  उत्तम माना जाता है। पितृ पक्छ चल ही रहा है। हमलोग पंडित बुला कर बाबा के हाथ से गौदान का संकल्प करवा दिए। बाद में पछतावा नहीं हो ,माँ का हमलोग नहीं करवा सके थे। बाकी तो प्रभु इच्छा ,क्या सच्चा क्या झूठा कोई देखने तो गया नहीं है। मन हुआ हो गया बस और क्या चहिये।

  







 

सोमवार, 28 सितंबर 2026

HAPPY 100TH BIRTHDAY OUR BABA

                                                  शताब्दी जन्मदिन समारोह 

                                     हम सबों के प्यारे बाबा का जन्मदिन समारोह 

        हमारे परिवार के लिये खुशियों भरा दिन ,हमारे पूजनीय बाबा के 100 वं जन्मदिन मनाने का अवसर। 14 सितम्बर 1926 को बाबा पुरे 100 साल के हो गए। सुबह हमारा पूरा परिवार उनको मंदिर ले गये वहाँ उनसे पूजा ,अर्चना ,दान वगैरा करवाए। फिर घर आकर हलवा पूरी का भोग लगा कर सबोने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को बाबा को रेस्टुरेंट लेकर गए उनका फेवरेट डोसा पार्टी हुआ। हमारा सेलिब्रेशन यहीं नहीं रुका। इतना खुशी का अवसर था।  बाबा के सारे हितचिंतक, हितैसी ,नीयर ,डीयर लोगो के साथ भी जशन मनाना था।5 -6 दिन बाद एक रविवार को ग्रैंड पार्टी का दिन तय हुआ। रविवार होने के कारन सभी लोग आ सकते थे।
                                रविवार को तय समय में सब लोग होटल पहुंचे। वहां सबोने आरती किया। केक कटा। फिर बाबा के लाडला पड़ पोता ने उनको सोने की सीढ़ी में चढ़ाया। ये भी एक रस्म होता है। सबो ने खाया पिया गाया बजाया पूरा दिन खूब एंजयो किया। अभी गौदान का रस्म रह गया उसे भी इस सप्ताह में करना बाकी है। 
            पूरा कार्यकम बहुत अच्छे से हुआ ,परन्तु माँ और दोनों भाई की कमी बहुत ही खली। माँ का अचानक जानेसे उनके लिये कुछ भी जश्न नहीं मनाये। दोनों भाई आज होते और ये फंक्शन करते तो कितना खुशी होता। चलो कोइ बात नहीं ,सबको सब कुछ नहीं मिलता ,जो और जीतना मिले उसी में खुश होना ही चाहिए। हमलोग खुश नसीब है की इतनी अच्छी भाभी ,भतीजा ,बाबा का पड़पोता के कारन ये समारोह सफल हो पाया।कोई भी दीर्घाऊ तो होता नहीं है ,बस भगवान से यही प्रार्थना हे की जब तक बाबा इस दुनिया में रहे ऐसे ही स्वास्थ रहे,मस्त रहे। । उनका आशीर्वाद हम सभी पर बनी रहे।
 














  
  

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

#ROMA#VATICAN#CITY#ITALY

                             रोम    वैटिकन   सिटी    इटली 

             हमलोग का क्रूज का टूर रोम आकर समाप्त हुआ। 15 दिन अलग अलग देश शहर घूमते हुआ  आखिर वापसी का दिन आ ही गया। पोर्ट से मेन सिटी काफी दूर था। रोम में हमलोग दो दिन रुक कर अच्छे से सिटी टूर करे। यहाँ का सभी मोनोमेंट्स, चर्च, कैथेड्रल वगैरा घूमने में एक दिन लग गया। दूसरे दिन रोम में वैटिकन सिटी घूमने में  लगा।
        वैटिकन सिटी इटली के रोम में सबसे छोटा स्वतंत्र देश है। यहाँ की जनसंख्या 1000 से भी कम है। जिसमे भी ज्यादातर पादरी ,नन ,और चर्च के कर्मचारी और दुकानदार वगैरा लोग ही है। यहाँ पोप का ही शासन चलता है। यहाँ का सर्वोच्य धर्म गुरु पोप ही होता है। यहाँ का चर्च देखने लायक है। बहुत ही भव्य बड़ा। पूरा कैम्पस घूमने में दिन निकल जायेगा। 

 





 


गुरुवार, 10 सितंबर 2026

#NAPLES#ITALY

                                            नैप्लस   इटली 

                                          स्ट्रेट ऑफ़ मेसिना 

          माल्टा से 7 को चल कर हम 8 को पूरा समय स्ट्रेट ऑफ़ मेसीना क्रॉस करते हुए इटली की और बढ़ गए। जैसे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज जंग के कारन सुनने मिल रहा है जहाँ व्यापारी जहाज के लिये इतना काट मार चल रहा है। पर इटली के रास्ते स्ट्रेट ऑफ़ मेसीना का वातावरण एकदम शांत सीन सीनरी देखते हुए बढ़ते चलो एकदम टूरिस्ट माहौल।हर मोड़ में लगता था अब बस होगा तब तक फिर मोड़ आ जाता था।  समुन्द्र के किनारे पहाड़ में  बस्ती भी था। जहाज आ रहा है जा रहा है मजा लो और कुछ नहीं। स्ट्रेटसे  गुजरना भी इंट्रेस्टींग था। 
                      9 को हमारा जहाज इटली के नैप्लस सिटी पहुंचा।यहाँ शाहीमहल ,किला ,चर्च आदि देखने मिला। पिज्जा इटली की देन है पर पिज्जा का जन्म स्थान नैप्लस ही है। ये भी काफी पुराना और बड़ा शहर है। यहाँ पोर्ट एकदम सिटी के सेंटर में था। वॉक करते पोर्ट के बहार जा सकते है। पोर्ट के बाहर से ही टूरिस्ट बस चलती है। आराम से 2-3 घंटा घूम कर हमलोग वापस अपने अंतिम मंजिल के लिये चल पड़े। 

 





 



#MALTA#VALLETTA

                               वेलेटा     माल्टा 

             5 अगस्त को अपना जन्म दिन मनाते हुए आगे की मंजिल के लिये चल पड़े। 5 और 6 को पानी में ही निकल गया फिर 7 को जाकर माल्टा के वेलेटा में पहुंचे।   वेलेटा माल्टा की राजधानी शहर है। ये भी ऐतिहासीक शहर है। यहाँ भी 16 वीं सदी के चर्च ,कैथेड्रल ,फोर्ट ,मोनुमेंट वगैरा देखने मिला। पोर्ट एकदम शहर से लगा हुआ था। पर क्रूज से उतर कर यहाँ शटल बोट से उसपार जाना होता है। फिर रोड क्रॉस कर बस से सिटी टूर करके वापस फिर शटल बोट से पार करके क्रूज में आते है। यहाँ 3 -4 क्रूज लगा हुआ था ,अलग अलग रूट से आया हुआ था। माल्टा फल तो बहुत खाये है संतरा जैसा ही होता है पर कभी सोचे नहीं थे की माल्टा देश भी कभी घूमने जाना होगा।

 





मंगलवार, 8 सितंबर 2026

#DIAMOND#JUBILEE

                                                         75TH  BIRTHDAY


                                                        ITS  MY BIRTHDAY

             दो दिन क्रोएशिया के अलग अलग सिटी में घूम कर हमारा क्रूज एड्रिएटिक सागर में अगला पड़ाव माल्टा की ओर बढ़ गया। 5 तारीख हमारा 75 वां जन्म दिन था। वैसे तो हर साल जन्म दिन आता है जाता है। परिवार ,रिश्तेदार ,मित्र आदि लोगों के साथ अलग अलग जगह में मना ही लेता है। एक  बार आकाश में हवाई जहाज में पोता के कारन मनाये ,हर बार धरती में ,पर इस बार नीला विशाल सागर में नए मित्रो के साथ अपना 75 डाइमंड जुबली जन्म दिन का जशन मनना हुआ ,वो भी इनके कारन ,यादगार जन्म दिन।जब केक काटे तो पुरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट की आवाज गूंज ने लगी