माँ अंगारमोती मंदिर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में गंगरैल डैम के किनारे माता अंगारमोती का 500 साल पुराना जागृत मंदिर है। अंगीरा रिषी की पुत्री होने के कारन अंगारमोती नाम पड़ा। महानदी में डैम बनने के पहले 52 गांव यहाँ था। तभी से माता 52 गावों की इष्ट देवी है।माता वट के पेड़ के नीचे विराजमान है। यहाँ गांव वाले मन्नत मांगने आते है और मन्नत पूरा होने पर बकरा का बली आज भी दिया जाता है। और नारियल बांध कर जाते है। मंदिर परिसर में हजारों नारियल बंधा है।
लोग बाग रायपुर से गंगरैल डैम घूमने धमतरी आते है और,बोटिंग करते है ,माता का दर्शन भी हो जाता है। यहाँ छत्तीसगढ़ टूरिजम का बहुत ही अच्छा कॉटेज नदी के किनारे बना है वहाँ रुकना भी हो जाता है। रायपुर से धमतरी 70 किलोमीटर की दूरी होने के कारन आराम से बाई रोड आकर घूम कर जा सकते है।वोटींग का भी अच्छा इंतजाम है।






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