छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम न्यू रायपुर
शहीद वीर नारायण म्यूजियम
नया रायपुर में 10 एकड़ में 50 करोड़ की लागत से एक डिजीटल संग्रहालय 2025 में बना है। भारत की स्वतंत्रता के लिये लड़ने वाले छत्तीसगढ़ के आदिवासी सेनानियों के साहस ,बलिदान और अटूट भावना को ये म्यूजियम सम्मानित करता है।शहीद वीर नारायण जी छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे।अंग्रेजो ने 10 दिसंबर 1857 में रायपुर के जयस्तंभ चौक में इन्हे फांसी दी थी।ये जमींदार परिवार से थे। 1830 से 1942 तक छत्तीसगढ़ के अलग अलग प्रान्त से स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था। जिसका वर्णन डीजीटल माध्यम से इस म्यूजियम में बहुत सुन्दर तरीके से दिखाया गया है।म्यूजियम जब तक नहीं देखे थे तब तक सिर्फ मंगल पण्डे ,शहीद भगत सिंह ,नेहरू गांधी जी लोगो को ही आजादी की लड़ाई लड़े है यही पढ़ाया गया था।एकबार रायपुर वालों को ये म्यूजियम जरूर देखना चाहिए।म्यूजियम देख कर ही छत्तीसगढ़ के सेनानियों के बलिदान का पता चलता है।
म्यूजियम से आगे बढ़ने पर छत्तीसगढ़ के जन जातीय का म्यूजियम है जिसमे 650 से अधिक मुर्तीया है. य १४ गैलरी में यहाँ के जनजातियों के जीवन को प्रदिर्शित करता है। छत्तीसगढ़ के हर प्रान्त के खान पान ,रहन सहन ,शिकार करने का तरीका ,खेती किसानी ,मतस्य पालन ,नृत्य संगीत ,आभूषण ,उपचार ,धार्मिक अनुष्ठान बस्तर का घोटुल सभी कुछ इतने अच्छे तरीके से मुर्तीयो के जरिये दिखाया गया है लगता है पुतला नहीं सच के इंसान ही है।
नया रायपुर का ये म्यूजियम वास्तव में देखने योग्य और सिखने तथा समझ ने लायक है। सोमवार को बंद रहता है बाकी मंगल से रविवार के दिन सुबह 10 से 5 बजे जा सकते है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें